हरियाणा में भाजपा जे जे पी गठबंधन टूटने की खबर आज के अनेक अखबारों की सुर्खी है। राष्ट्रीय सहारा लिखता है- जे जे पी ने तोडा गठबंधन, मनोहर की कुर्सी गई। दैनिक जागरण लिखता है- हरियाणा में बदला सरकार का चेहरा। चुनाव से पहले अचानक सियासी उलटफेर, मनोहर लाल ने दिया इस्तीफा। नायब सिंह सैनी बन गए नये मुख्यमंत्री। जनसत्ता ने इसे भाजपा का नायाब फॉर्मूला बताया है।
नवभारत टाइम्स ने एस बी आई द्वारा निर्वाचन आयोग को चुनावी बांड का डेटा सौंपे जाने का समाचार पहले पन्ने पर दिया है। दैनिक ट्रिब्यून ने लिखा है- सुप्रीम कोर्ट बार का राष्ट्रपति से प्रैज़ीडेंशियल रैफरेंस लेने का आग्रह। चुनावी बॉन्ड फैसले पर रोका जाए अमल। अन्य अखबारों ने भी इसे प्रमुखता से दिया है।
जनसत्ता ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के संबंध में लिखा है -भारत में प्रवेश की प्रामाणिकता के लिए देना होगा बीस में से एक दस्तावेज। नौ में से एक दस्तावेज मूल देश का देना होगा।
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने को भी अखबारों ने महत्व दिया है। हिन्दुस्तान लिखता है- सूची में दो दिग्गजों के बेटे को मौका। इसी संदर्भ में अमर उजाला ने लिखा है- सूची में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों को मौका। नकुल नाथ, वैभव गहलोत और गौरव गोगोई पर दांव, 43 में से बीस नये चेहरों को मौका।
दैनिक भास्कर ने एक मनोवैज्ञानिक की सलाह प्रकाशित की है- कोई अपमान करे तो चुप न रहें, प्रतिक्रिया दें और बताये कि सीमापार हो चुकी है, इससे उन्हें गलती का अहसास होगा।