असम सरकार ने राज्यभर में जल्द ही बाल विवाह के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गुवाहाटी में आज हुई कैबिनेट की बैठक में ग्राम पंचायत सचिव को बाल विवाह रोकथाम (निषेध) अधिकारी के रूप में नामित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए पोस्को और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह रोकने के साथ-साथ शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए कुल दो हजार एक सौ 97 ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह रोकथाम (निषेध) अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा।
असम सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ अभियान शुरू करने का फैसला किया