असम में ‘नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट’ के विकास के लिए कई विभागों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

असम में ‘नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट’ के विकास के लिए आज गुवाहाटी में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, सागरमाला विकास निगम लिमिटेड, असम पर्यटन विकास निगम और अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। असम के मुख्यमंत्री डॉक्‍टर हिमंत बिस्व सरमा और केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन तथा जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे असम नदी पर्यटन क्षेत्र में एक नये अध्याय का शुभारंभ होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट का विकास असम में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रखर नेतृत्व में भारत की एक्ट ईस्ट नीति पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में प्रमुख विकास परियोजनाओं के माध्‍यम से स्पष्ट हो रही हैं। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉक्‍टर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट राज्य में पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा। सागरमाला परियोजना के तहत ब्रह्मपुत्र में नदी तट धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। यह गुवाहाटी में स्थित कामाख्या, पांडुनाथ, अश्वक्लांता, दौल गोविंदा, उमानंद, चक्रेश्वर और औनियाती सातरा नाम के सात ऐतिहासिक मंदिरों को जोड़ेगा और आधुनिक फेरी सेवा की सुविधा प्रदान करेगा। यह परियोजना एक वर्ष में पूरी होगी।

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