अमेरिका, यूरोपियन संघ और G7 के अन्‍य सहयोगी देशों ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया

अमेरिका, यूरोपियन संघ और G7 के अन्‍य सहयोगी देशों ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया

अमेरिका, यूरोपियन संघ और जी-7 के अन्‍य सहयोगी देशों ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। यूक्रेन में रूस के सैन्‍य अभियान के बाद इन देशों ने उसे दंडित करने के लिए नए व्‍यापारिक और आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। 24 फरवरी को सैन्‍य कार्रवाई के बाद रूस पर लगाये गए प्रतिबंधों का ये चौथा चरण है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि रूस के खिलाफ इस सामूहिक कार्रवाई से पहले से ही प्रतिबंध झेल रही रूस की अर्थव्यवस्था को और नुकसान होगा। रूस के खिलाफ लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से रूबल की कीमत गिर गई है और शेयर बाजार को बंद करना पड़ा है।

प्रतिबंधों में व्‍यापार के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र के रूप में रूस की स्थिति को समाप्त करने का प्रयास, रूसी सामानों पर प्रतिबंध लगाने या दंडात्मक शुल्क लगाने का प्रावधान और रूस को उत्तर कोरिया तथा ईरान के बराबर रखना शामिल है।

प्रतिबंध लगाने वाले देश अपने यहां से रूस में निर्यात किए जाने वाले विलासिता के सामानों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे। इससे रूस का अभिजात्‍य वर्ग प्रभावित होगा।

पहले कदम के रूप में, यूरोपीय संघ रूस से लौह और इस्पात उत्‍पाद के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक सहित प्रमुख बहुपक्षीय संस्थानों में रूस के सदस्यता अधिकारों को निलंबित करने और रूस द्वारा क्रिप्टो-परिसंपत्तियों के उपयोग पर नकेल कसने के लिए भी काम कर रहा है।

अमेरिकी कांग्रेस को रूस की व्यापार स्थिति को रद्द करने के लिए कानून पारित करने की आवश्यकता होगी और संसद सदस्य उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अमेरिका ने रूसी समुद्री भोजन, वोदका और हीरे के आयात पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए विकास निधि को बंद कर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि वह रूस में अमेरिकी निवेश पर प्रतिबंध लगाएगा।

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