अमेरिका में सबसे बड़ी वित्तीय संस्थागत विफलता में देश का सबसे बड़ा सिलिकॉन वैली बैंक कल बंद हो गया। वर्ष 2008 में वित्तीय संकट के बाद से अमेरिका में यह सबसे बड़ा संस्थागत वित्तीय संकट है। बैंक के अचानक बंद होने से वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया। निवेशकों और कंपनियों के लाखों डॉलर फंस गए है। सिलिकॉन वैली बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेग बेकर ने बैंक बंद होने से एक दिन पहले अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाया था कि उनका धन सुरक्षित है। विश्व में प्रोद्यौगिकी और क्रिप्टो स्टार्टअप्स में भारी मात्रा में छंटनी के कारण जारी उथल-पुथल और आर्थिक मंदी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सिलिकॉन वैली बैंक के बंद होने के समय उसके पास 209 अरब डॉलर की संपदा और 175 अरब डॉलर के डिपॉजिट हैं। सिलिकॉन वैली बैंक के संकट के कारण कल भारतीय शेयर बाजार में भी असर पड़ा। निवेशकों ने घबराहट में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे दिन की शुरूआत में सूचकांक 900 अंक से ज्यादा गिरा। बाद में सूचकांक 671 अंक यानि एक दशमलव एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 59135 पर बंद हुआ। बॉम्बे शेयर बाजार में बैंकिंग और वित्तीय शेयर एक दशमलव आठ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
अमेरिका में सबसे बड़ी वित्तीय संस्थागत विफलता में देश का सबसे बड़ा सिलिकॉन वैली बैंक बंद
