गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि संसद की सुरक्षा में सेंध गंभीर मामला है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए कड़े उपाय किए जाएंगे। उन्होंने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर चिंता प्रकट की। नई दिल्ली में मीडिया कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि लोकसभा इस मामले की जांच कर रही है और समिति बना दी गई है जो 15-20 दिन में रिपोर्ट देगी।
गृहमंत्री ने कहा कि सब जानते हैं कि संसद की सुरक्षा लोकसभा अध्यक्ष के तहत आती है। लोकसभा अध्यक्ष के गृह मंत्रालय को लिखने के बाद जांच समिति बना दी गई है जिसकी रिपोर्ट शीघ्र लोकसभा अध्यक्ष को भेजी जाएगी।
देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के बारे में गृहमंत्री ने कहा कि भाजपा इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कि देश की विधायिका और संसद के लिए समान नागरिक संहिता संविधान सभा का जनादेश था। उन्होंने कहा कि 1944 में संविधान सभा राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में कुछ मामलों को लागू नहीं कर सकी और समान नागरिक संहिता भी उनमें से एक था।
समान नागरिक संहिता लागू करने के बारे में कुछ राज्यों में उठाए जा रहे कदमों पर गृहमंत्री ने कहा कि यह बड़ा सामाजिक और कानूनी बदलाव है और इस पर सबकी राय की आवश्यकता है।