अमित शाह ने आगामी चुनावों में भारत राष्ट्र समिति-बीआरएस के साथ किसी भी चुनावी गठबंधन से इनकार किया है। तेलंगाना के खम्मम में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीआरएस की कार की स्टीयरिंग असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी के हाथ में है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी पार्टी के साथ गठबंधन के बारे में सोच भी नहीं सकती जो ‘रजाकारों’ के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित हो और जिसने तेलंगाना में हजारों लोगों की जान ले ली हो। गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तरफ से लगाये आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीआरएस भाजपा की पार्टी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा का बीआरएस से कोई लेना-देना नहीं होगा, जिसका रजाकार पार्टी के साथ गठबंधन है और वह मजलिस के साथ भी कोई मंच साझा नहीं करेगी।
भद्राचलम को दक्षिण की अयोध्या कहते हुए, अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने मजलिस पार्टी के क्रोध के डर से भद्राचलम के भगवान श्री राम को पारंपरिक रेशम के वस्त्र चढ़ाना भी बंद कर दिया। अमित शाह ने आगे कहा कि राज्य भाजपा नेता बीआरएस सरकार द्वारा उनके बीच भय पैदा करने के लिए लागू की गई रणनीति से डरते नहीं हैं। परिवारवादी राजनीतिक दलों को वोट न देने की अपील करते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा लोगों द्वारा शासित पार्टी है। गृहमंत्री ने विभिन्न वर्गों के लोगों, विशेषकर किसानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में विस्तार से बताया। इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह विशेष हेलीकॉप्टर से आंध्र प्रदेश के गन्नावरम हवाई अड्डे से खम्मम पहुंचे।