अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 83वां सम्‍मेलन जयपुर में शुरू

अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 83वां सम्‍मेलन जयपुर में शुरू

उपराष्‍ट्रपति और राज्‍यसभा के सभापति जगदीप धनखड ने आज जयपुर में दो दिन के पीठासीन अधिकारियों के सम्‍मेलन का उद्घाटन किया। लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला राज्‍यसभा के उपसभापति सहित कई विधानसभाओं के अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष इस सम्‍मेलन में उपस्थित थे। सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि पीठासीन अधिकारी सम्‍मानित पद पर हैं और इस स्थिति में वे राजनीति के पक्षकार नहीं है। जगदीप धनखड ने कहा कि लोगों के कल्‍याण के लिए संसद और विधानसभाओं में चुने गए प्रतिनिधियों के योगदान का अधिकतम उपयोग एक महत्‍वपूर्ण मुद्दा है। उन्‍होंने कहा कि कार्यपालिका में विधानमंडलों और वरिष्‍ठ राजनीतिक पदधारकों को यह ध्‍यान रखना चाहिए कि उच्‍च संवैधानिक संस्‍थाओं को अपने राजनीतिक हित से दूर रखा जाए।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि सदन में व्‍यवधान सदस्‍यों के लिए राजनीतिक हथियार नहीं बन सकता। उन्‍होंने कहा कि लोकसभा, राज्‍यसभा और विधानसभाओं का वर्तमान परिदृश्‍य ठीक नहीं है और जनता में इसका संदेश ठीक नही जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं के सदस्‍यों को अपने आचरण में सुधार लाना चाहिए। जगदीप धनखड ने कहा कि एक कठिन समय में जी-20 की अध्‍यक्षता करना भारत के लिए महत्‍वपूर्ण है और इस सत्र में लोकतंत्र की जननी के रूप में जी-20 में भारत के नेतृत्‍व पर विशेष ध्‍यान केंद्रित होगा।

सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यदि लोगों की भागीदारी अधिक हो तो कानून अधिक मजबूत और प्रभावी होंगे। उन्‍होंने सदन में वाद-विवाद और चर्चा के घटते समय पर चिंता व्‍यक्‍त की।

राज्‍यसभा के उपसभापति हरिवंश, राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्‍थान विधानसभा के अध्‍यक्ष और विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने भी सम्‍मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।

सम्‍मेलन का समापन समारोह कल होगा। राजस्‍थान के राज्‍यपाल कलराज मिश्र समापन समारोह के मुख्‍य अतिथि होंगे। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 83 वां सम्‍मेलन 11 वर्षों के बाद राजस्थान में हो रहा है। इससे पहले यह सम्‍मेलन राज्‍स्‍थान में वर्ष 2011 में हुआ था।

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