अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (पूंजी बाजार मध्यवर्ती संस्थायें) नियमन, 2021 को अधिसूचित किया गया

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (पूंजी बाजार मध्यवर्ती संस्थायें) नियमन, 2021 को अक्टूबर 2021 को अधिसूचित किया गया था, जिसके तहत अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससी) में कामकाज करने वाले ब्रोकर-डीलरों सहित पूंजी बाजार के बिचौलियों के विभिन्न वर्गों के लिये नियमन ढांचा बनाया गया।

पूंजी बाजार की इको-प्रणाली के विकास में ब्रोकर-डीलरों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है, खासतौर से खुदरा क्षेत्र में। आईएफएससी अंतर्राष्ट्रीय खुदरा व्यापार विकास पर गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि आईएफएससी में काम करने वाले ब्रोकर-डीलरों को विश्व बाजार तक पहुंच प्रदान की जा सकती है।

विभिन्न मंचों के हितधारकों की तरफ से मिलने वाले प्रतिवेदनों तथा कुछ प्रतिस्पर्धी अपतटीय न्यासीमाओं की कार्यप्रणालियों को मद्देनजर रखते हुये आईएफएससी के ब्रोकर-डीलरों को समुचित नियंत्रण और संतुलन के साथ आईएफएससी के बाहर वैश्विक पूंजी/शेयर बाजारों तक पहुंच की अनुमति दे दी गई है।

आईएफएससी के ब्रोकर-डीलरों को निम्नलिखित तौर-तरीकों से विश्व बाजार में कदम रखने की अनुमति दी गई हैः

आईएफएससी के बाहर पूंजी/शेयर बाजार तक पहुंच प्रदान करने वाली संस्था के साथ सीमा-पार व्यवस्था, बशर्ते यह कि वह संस्था अन्य न्यायसीमा के अंतर्गत नियमबद्ध संस्था हो; या
आईएफएससी के बाहर पूंजी/शेयर बाजार में कारोबारी सदस्य के रूप में पंजीकरण, बशर्ते कि ब्रोकर-डीलर अपने मालिकाना खाते से कारोबार करे और ग्राहक सम्बंधी कोई लेन-देन न करे।

विश्व बाजार तक पहुंच पाने वाले ब्रोकर-डीलरों को सीएमआई नियमन के नियामक प्रावधानों तथा इस सम्बंध में जारी सर्कुलर में दी गई शर्तों का पालन करना होगा।

विश्व बाजार तक पहुंच के बारे में विस्तृत जानकारी आईएफएससीए की वेबसाइट https://ifsca.gov.in/Circular पर उपलब्ध है।

Related posts

Leave a Comment