अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना, अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका

अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना, अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका

उत्तरी अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा के कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और म्‍यामां तट की ओर उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके अगले कुछ घंटों में तेज होकर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। यह इसके बाद, 23 मार्च की तड़के म्यांमां तट को पार करेगा। मौसम विभाग के अनुसार यह मायाबंदर से 110 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व की ओर बढ़ रहा है।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में इसका ज्यादा प्रभाव नहीं देखा गया लेकिन द्वीपों में विभिन्न स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा हुई है। अगले एक-दो दिनों में तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। करीब 85 किमी प्रति घंटे तक हवा की गति हो सकती है। समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 23 मार्च तक समुद्र में न जाएं।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में एहतियात के तौर पर सभी पर्यटन गतिविधियों को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

आपदा प्रबंधन निदेशालय स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। राज्य से लेकर जिला स्तर पर त्वरित और घटना प्रतिक्रिया दल बनाए गए हैं। स्थिति से निपटने के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष के आपातकालीन नंबर चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ की मदद से जिला प्रशासन ने उत्तर और मध्य अंडमान जिले के रंगत, मायाबंदर और दिगलीपुर के निचले इलाकों से मछुआरों और स्थानीय निवासियों सहित एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तटीय क्षेत्रों के पास रहने वाले विशेष रूप से जनजातीय समूहों को भी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

Related posts

Leave a Comment