हरियाणा मंत्रिमंडल ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देते हुए अधिभार और ब्याज सहित बकाया जल शुल्क के 372 करोड़ रुपये से अधिक राशि को माफ कर दिया है। माफी में गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रकार के उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2015 से 31 दिसंबर 2022 तक जमा हुए जल शुल्क, अधिभार और ब्याज शामिल है। इस निर्णय से 28 लाख 87 हजार ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
मंत्रिमंडल ने हरियाणा मोटर वाहन नियम 1993 के नियम 225 के अंतर्गत परिवहन निरीक्षकों को चालान करने की शक्तियां प्रदान करने को भी मंजूरी दी है।