आज संविधान दिवस है। संविधान सभा ने 1949 में आज ही के दिन संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था जो 26 जनवरी 1950 से लागू हो गया। सरकार ने वर्ष 2015 में नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों का बढ़ावा देने के लिए आज का दिन संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज सर्वोच्च न्यायालय में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड और अन्य न्यायाधीश भी उपस्थित थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने आज संविधान दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह दिन संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों के महत्व को बताता है और हमें यह स्मरण कराता है कि इसके निर्माताओं ने नागरिकों को स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए कितने कष्ट उठाये हैं। उन्होंने लोगों से संविधान की सच्ची भावना को मजबूत करने का संकल्प लेने का अनुरोध किया।
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मुम्बई आतंकी हमले के दौरान राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान करने वाले सभी सुरक्षा बलों को श्रद्धांजलि दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके साहस, समर्पण और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
73वें संविधान दिवस के अवसर पर संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी नागरिकों से संविधान प्रश्नोत्तरी और संविधान के प्रस्तावना के ऑनलाइन पाठन कार्यक्रम में भाग लेने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दो वेब पोर्टल बनाये हैं। 22 राज भाषाओं और अंग्रेजी में संविधान प्रस्तावना का ऑनलाइन पाठन readpreamble.nic.in पर उपलब्ध है और लोग constitutionquiz.nic.in के माध्यम से भारत-लोकतंत्र की जननी विषय पर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में भाग ले सकते हैं।
ये पोर्टल सभी के लिए उपलब्ध हैं और कोई भी इसमें भाग ले सकता है और भागीदारी प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है। लोग इन प्रमाण पत्रों को #SamvidhanDiwas का उपयोग करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सकते हैं।
महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने 26/11 आतंकी हमले में अपना बलिदान देने वाले जवानों को आज मुंबई पुलिस मुख्यालय में पुष्पांजलि अर्पित की।