प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश अब गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो गया है और भारत पंच प्रण अपनाकर गौरव के साथ अपनी विरासत की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री आज उत्तर प्रदेश के मथुरा में संत मीराबाई जन्मोत्सव में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन संत मीराबाई की 525वीं जयंती के उपलक्ष्य में किया गया था।
संत मीराबाई की शिक्षाओं का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मीराबाई ने भक्ति और आध्यात्मिकता के सिद्धांतों को सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि मीराबाई जैसी संत ने दिखाया कि एक महिला का आत्मविश्वास पूरे विश्व को दिशा देने की सामर्थ्य रखता है। प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई को समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहना सिखाया। उन्होंने कहा कि भारत सदैव नारी शक्ति को पूजने वाला देश रहा है और महिलाओं ने सदैव समाज को दिशा दी है।
प्रधानमंत्री ने देश भर के विभिन्न धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज काशी में विश्वनाथ धाम भव्य रूप में हमारे सामने है। लाखों लोग केदारनाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं और अब अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के उद्घाटन की तिथि भी निकट है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में मथुरा और ब्रज भी पीछे नहीं रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने संत मीराबाई के सम्मान में एक स्मारक टिकट और सिक्का जारी किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद हेमा मालिनी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले प्रधानमंत्री ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की।