विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ० सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा- कोविड महामारी भारत में स्‍थानिक रूप में प्रवेश कर सकती है

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ० सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा- कोविड महामारी भारत में स्‍थानिक रूप में प्रवेश कर सकती है

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्‍टर सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा है कि कोविड महामारी भारत में स्‍थानिक रूप में प्रवेश कर सकती है। स्‍थानिक स्थिति वह स्थिति होती है जिसमें आबादी को संक्रमण के साथ ही जीना होता है जहां संक्रमण का फैलाव निम्‍न और मध्‍यम स्‍तर का हो सकता है।

भारत में निर्मित कोविड रोधी टीके को-वैक्‍सीन को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन द्वारा मंजूरी दिये जाने पर उन्‍होंने कहा कि उम्‍मीद है कि संगठन का तकनीकी विशेषज्ञ समूह को-वैक्‍सीन की चिकित्‍सीय क्षमता से संतुष्‍ट होगा और सितम्‍बर के मध्‍य तक इस टीके को मंजूरी मिल सकती है।

प्राइवेट मीडिया के साथ साक्षात्‍कार में सुश्री स्‍वामीनाथन ने कहा कि भारत के आकार और जनसंख्‍या के मददेनजर अभी यह कहना मुश्किल है कि भारत में कोविड महामारी जारी रह सकती है और विभिन्‍न हिस्‍सों में इसकी स्थिति में उतार-चढाव हो सकता है।

डॉक्‍टर स्‍वामीनाथन ने कहा क‍ि 2022 के अंत तक विश्‍व के देश 70 प्रतिशत तक कोविड टीके लगाने का लक्ष्‍य हासिल कर सकते हैं और तभी स्थिति सामान्‍य होने की उम्‍मीद की जा सकती है।

बच्‍चों में कोविड संक्रमण के बारे में उन्‍होंने कहा कि अभिभावकों को चिन्तित होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि बच्‍चों पर कोविड का असर बहुत हल्‍का होता है। लेकिन हमें अस्‍पतालों में बच्‍चों को भर्ती करने के लिए पूरी व्‍यवस्‍था करने पर ध्‍यान देने की जरूरत है।

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