विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर ने जी-20 बैठक के सिलसिले में आए कई विदेश मंत्रियों से आज बातचीत की। उन्होंने अनेक देशों के विदेश मंत्रियों के साथ आपसी हित के विभिन्न मुद्दों और वैश्विक एजेंडा पर विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्री ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच पिछले विचार-विमर्श के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने युवा प्रोफेशनल योजना शुरू किए जाने की विशेष चर्चा की। सूत्रों के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्री ने बैठक में बीबीसी टैक्स मुद्दा भी उठाया जिस पर उन्हें स्पष्ट बताया गया कि भारत में काम करने वाले सभी निकायों को यहां के नियम-कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा।
डॉ.जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लवरोफ से व्यापक विचार-विमर्श में द्विपक्षीय सहयोग तथा जी-20 से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। नाइजीरिया के विदेश मंत्री जैफ्री ओनयिएमा से हुई बैठक में डॉ. जयशंकर ने विश्व के गरीब देशों और अफ्रीकी संघ के हितों के प्रति भारत की वचनबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग के बारे में हाल की घटनाओं का और विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में आदान-प्रदान और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की व्यवस्था का उल्लेख किया। डॉ. जयशंकर ने एमवी हेरोइक इदुन मामला भी उठाया और उसके चालक दल के सदस्यों की जल्दी वापसी पर जोर दिया। डॉ.जयशंकर ने यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों और सुरक्षा नीति प्रतिनिधि जॉसफ बोरेल फोंटेलेस से भी मुलाकात की। उनकी बातचीत मुख्य रूप से जी-20 एजेंडे और यूक्रेन संघर्ष पर केंद्रित रही। दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ सहयोग में निरंतर वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
विदेश मंत्री ने मेक्सिको के विदेश मंत्री मारसेलो एब्रार्ड के साथ बातचीत में मजबूत आपसी सहयोग जारी रखने पर जोर दिया और जी-20 एजेंडे पर विचार किया। डॉ. जयशंकर ने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग काफी बढ़ा है। उन्होंने मुंबई में मेक्सिको का वाणिज्य दूतावास खोले जाने का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मोबिलिटी, टिकाऊ व्यवस्था और नवाचार में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। डॉ. जयशंकर ने नीदरलैंड के विदेश मंत्री वोप्के होएक्स्रा से भी मुलाकात की। बाद में उन्होंने बताया कि चर्चा मुख्य रूप से टेक्नॉलोजी, मोबिलिटी और नवाचार पर केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने यूरेशिया और भारत-प्रशांत के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया। अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंतिआगो केफियरो से मुलाकात में डॉ. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और परमाणु भागीदारी से दोनों देश लाभान्वित हुए है। दक्षिण अफ्रीका के भारत की जैविक विविधता में सहयोग के लिए चीते भेजने पर डॉ. जयशंकर ने वहां की विदेश मंत्री नलेदी पंडोर के प्रति आभार व्यक्त किया।