भारतीय रिजर्व बैंक आज अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। जानकारों का मानना है कि मुद्रास्फीति में गिरावट के संकेतों को देखते हुए ब्याजदरों में 25 से 35 आधार अंकों की बढ़ोतरी की जा सकती है। भारतीय स्टेट बैंक समूह के आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ब्याज दरों में मामूली वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि 35 आधार अंकों की रेपो दर में बढोतरी हो सकती है। मौजूदा नीति के अंतर्गत रैपों दर पांच दशमल नौ प्रतिशत है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल जून के महीने से अब तक मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए ऋण दरों में पचास आधार अंकों की तीन बार बढ़ोतरी की है। खुदरा मुद्रास्फीति कम हो रही है, लेकिन इस साल जनवरी से अब तक छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। मुद्रास्फीति अक्तूबर में छह दशमलव सात-सात प्रतिशत रही, जिसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी था।
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