राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि जितना अधिक हम प्रकृति के सानिध्य में रहेंगे, उतना ही हम स्वस्थ होंगे। राष्ट्रपति भोपाल में आरोग्य भारती द्वारा आयोजित एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य, समय की आवश्यकता विषय पर आरोग्य मंथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोगों को दैनिक जीवन में प्रकृति के अनुसार दिनचर्या, नैतिकता और भोजन अपनाने की सलाह दी।
पारंपिक औषधियों के उपयोग का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इन औषधीय गुणों को वैश्विक रूप से स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी चिकित्सकीय व्यवस्था पूरी मानव जाति को स्वस्थ रखने के लिए होती है।
एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य के विचार की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्राचीन विचारों जैसे ‘योग सूत्र’, ‘हठ योग प्रदीपिका’, ‘हिरण्य संहिता’ से स्पष्ट है कि एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य प्रणाली सदियों पहले भी उपलब्ध थी।
वर्ष 2017 में घोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इस नीति का प्रमुख लक्ष्य सभी लोगों के लिए कम से कम कीमत पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
देश में बढ़ते चिकित्सा पर्यटन पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि भारत से सस्ता उपचार पूरे विश्व में कहीं पर भी नहीं मिल सकता है।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
