भारत ने रूसी सेना में काम करने के लिए भारतीयों को ठगे जाने का मामला रूस सरकार के साथ दृढ़ता से उठाया

भारत ने रूसी सेना में काम करने के लिए भारतीयों को ठगे जाने का मामला रूस सरकार के साथ दृढ़ता से उठाया

भारत ने रूसी सेना में काम करने के लिए भारतीयों को ठगे जाने का मामला रूस सरकार के साथ दृढ़ता से उठाया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि झूठे वादे करके भर्ती करने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो ने कल कई शहरों में तलाशी और आपत्तिजनक सबूत इकट्ठा करके एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। कई एजेंटों के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया है।

प्रवक्ता ने भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे रूसी सेना में सहायक नौकरियों के लिए एजेंटों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि यह खतरनाक और जोखिम से भरा है। उन्होंने कहा कि भारत, रूसी सेना में सहायक स्टाफ के रूप में काम कर रहे अपने नागरिकों की शीघ्र रिहाई और उनकी स्‍वदेश वापसी के लिए प्रतिबद्ध है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, रणधीर जयसवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान के दौरे पर है। भारत ने जून 2022 में काबुल में अपना तकनीकी मिशन खोला था। यह मिशन अफगानिस्‍तान में भारत के मानवीय सहायता प्रयासों को सुविधाजनक और समन्वित बनाने का कार्य कर रहा है।

यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने अफगान अधिकारियों के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकें कीं। प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और अफगान व्यापारिक समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान के लोगों को भारत की मानवीय सहायता पर चर्चा की और अफगान व्यापारियों द्वारा चाबहार बंदरगाह के उपयोग पर भी चर्चा की।

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