प्रधानमंत्री मोदी ने जयपुर में 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 24 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजस्थान सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ में भाग लिया। उन्होंने राजस्थान सरकार और राज्य की जनता को प्रदेश सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने पर बधाई देते हुए कहा कि वे इस कार्यक्रम में आए लाखों लोगों का आशीर्वाद पाने के लिए भाग्यशाली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के विकास कार्यों को नई दिशा और गति देने के लिए किए गए प्रयासों के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि आगामी कई वर्षों के विकास के लिए पहला वर्ष एक मजबूत नींव के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम न केवल सरकार के एक वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, बल्कि यह राजस्थान की चमक और राजस्थान के विकास के उत्सव का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने राइजिंग राजस्थान समिट 2024 में अपनी हाल की यात्रा को याद करते हुए कहा कि उसमें दुनिया भर के कई निवेशक मौजूद थे और आज 45,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें 7 केंद्र सरकार की परियोजनाएं और 2 राज्य सरकार की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने 35,300 करोड़ रुपये से अधिक की 15 परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें 9 केंद्र सरकार की परियोजनाएं और 6 राज्य सरकार की परियोजनाएं शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, उनमें नवनेरा बैराज, स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन नेटवर्क और एसेट मैनेजमेंट सिस्टम परियोजनाएं, भीलडी-समदरी-लूनी-जोधपुर-मेड़ता रोड-डेगाना-रतनगढ़ खंड का रेलवे विद्युतीकरण और दिल्ली-वडोदरा ग्रीन फील्ड अलाइनमेंट (एनएच-148एन) (एसएच-37ए के जंक्शन तक मेज नदी पर प्रमुख पुल) परियोजना के पैकेज 12 सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं लोगों को आसान आवागमन प्रदान करने और प्रधानमंत्री के हरित ऊर्जा के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगी।

प्रधानमंत्री ने 9,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रामगढ़ बैराज एवं महलपुर बैराज के निर्माण कार्य तथा नवनेरा बैराज से चंबल नदी पर एक्वाडक्ट के माध्यम से बीसलपुर बांध एवं ईसरदा बांध तक पानी स्थानांतरित करने की प्रणाली की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री ने सरकारी कार्यालयों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने, पूगल (बीकानेर) में 2000 मेगावाट के एक सौर पार्क और 1000 मेगावाट के दो चरणों के सौर पार्कों के विकास तथा सैपऊ (धौलपुर) से भरतपुर-डीग-कुम्हेर-नगर-कामाण और पहाड़ी तथा चंबल-धौलपुर-भरतपुर तक पेयजल पारेषण लाइन की मरम्मत और सुधार (रेट्रोफिटिंग) कार्य का भी शिलान्यास किया। लूनी-समदड़ी-भीलड़ी डबल लाइन, अजमेर-चंदेरिया डबल लाइन और जयपुर-सवाई माधोपुर डबल लाइन रेलवे परियोजना के साथ-साथ अन्य ऊर्जा पारेषण से संबंधित परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा।

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