मौसम विभाग ने कहा है कि देश के पूर्वी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में कल से लू का असर कम होने का अनुमान है। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर के जैनामणि ने कहा कि देश के पूर्वी क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के ओर आगे बढने के कारण लू का असर कम होगा।
आज जो देश में जो हीटवेब का वार्निेंग है, तापमान अभी फॉल होगा इन्क्लूडिंग मध्यप्रदेश एंड पूर्व भारत में अगले पांच दिन तक और सीवीयर से सीवीयर हीटवेब कंडीशन जो प्रजेंटली चल रहा है अभी धीरे धीरे जो है कम होने लगेगा और हमारा जो वार्निंग है आइसोलेटेड प्लेसेज में है। ईस्ट उत्तर प्रदेश, बिहार, वेस्ट बंगाल, झारखंड, ओडिसा, छत्तीगढ़, तेलंगाना, इसमें दो दिन रहेगा।
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के असर से जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभागों के जिलों में कहीं कहीं तेज बारिश हुई। टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में कल रात से हो रही लगातार वर्षा से कई निचले स्थानों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने आज बूंदी और सवाई मधोपुर में तेज वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। अत्यधिक वर्षा वाले कुछ क्षेत्रों में बाढ की स्थिति बनी हुई है।
राज्य के जालौर, बाडमेर, सिरोही और पाली जिलों में पिछले तीन दिन में हुई अति भारी वर्षा के कारण अभी भी कई गांवों और कस्बों में पानी भरा है। यहां अब बारिश थमने से लोगों को राहत मिली है। सिरोही और बाडमेर जिलों में भारी संख्या में बिजली के पोल टूटने से सैंकड़ों गांवों और कई शहरों में बिजली आपूर्ति ठप है। NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। जोधपुर के संभागीय आयुक्त कैलाश मीणा ने आज संभाग के अति बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नये जल स्त्रोतों के पास जाने से बचें। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे।
असम में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में कल पूरी रात तेज वर्षा के बाद ग्यारह जिलों में आई बाढ़ के कारण करीब 34 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और बृहस्पतिवार तक असम के कई जिलों में तेज वर्षा का अनुमान व्यक्त किया है। बाढ़ के पानी से कई जिलों में तटबंधों, सड़कों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और यातायात परिचालन भी बाधित है।