पूर्ण निर्वाचन आयोग की दो दिन की बैठक आज चेन्नई में संपन्न हुई। बैठक में लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अरूण गोयल के नेतृत्व में दो दिन तक चली बैठक में राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि, जिलाधीश और जिला पुलिस अधिकारी शामिल हुए। आज सुबह बैठक में तमिलनाडु के मुख्य सचिव और शीर्ष अधिकारी भी थे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने संवाददाता से बातचीत में मतदाताओं से भारी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने बताया कि बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने धनबल और शराब बांटने पर रोक लगाने का अनुरोध किया। उन्होंने नौकरशाही को नियंत्रित करने का भी अनुरोध किया जिससे सभी के लिए पक्षपात रहित और समान चुनाव हो सके। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि बैठक में राज्य में एक चरण में चुनाव कराने का भी अनुरोध किया गया।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग हमेशा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य में दिव्यांग जनों की अलग गणना की जाएगी। तमिलनाडु में चार लाख 33 हजार दिव्यांगजन है। उन्होंने कहा कि सक्षम ऐप से दिव्यांगजन सहायता ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 68 हजार एक सौ 44 मतदान केन्द्र होंगे और 45 हजार केन्द्रों पर वेबकास्ट होगा। उन्होंने कहा कि लोग सी-विजिल मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उन्हें एक सौ मिनट के भीतर जवाब दे दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को अपना आपराधिक ब्यौरा समाचार पत्रों में तीन बार प्राकाशित कराना अनिवार्य है।
राजीव कुमार ने कहा कि आयोग ने बैंकों को निर्धारित घंटों के बाद वाहनों के जरिए नगदी स्थानांतरित नहीं करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी प्रक्रिया रहेगी और साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ फर्जी खबरों पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव बॉड के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।