पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान को लाहौर की हाई कोर्ट ने तीन मुकदमों में सुरक्षा जमानत दे दी है। इनमें नौ मई को देशभर में हुई तोडफोड और क्वेटा में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल रजाक शार की हत्या से जुड़े मामले है। अधिवक्ता शार को छह जून को क्वेटा के अलामो चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी।
इससे पहले, आतंकरोधी अदालत ने इमरान खान और तहरीक-ए-इंसाफ के 6 नेताओं के नाम गैर-जमानत गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। इमरान खान ने आज लाहौर की आतंकरोधी अदालत में याचिका दायर की, जहां उन्हें एक लाख पाकिस्तानी रूपये के मुचलके के साथ 7 जुलाई तक सुरक्षा जमानत दे दी गई।
