तुर्किए और सीरिया में भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या 7 हजार आठ सौ से ज्यादा हो गई है। दक्षिणी तुर्किए में कल आए तीन भूकम्प में हजारों भवन ढह गए हैं और बड़े स्तर पर देश में तथा सीरिया में विनाश हुआ है। आज भी दर्जनों भूकम्प के झटके महसूस किए गए। तुर्किए के उपाध्यक्ष फयूट ओकते ने इस बात की पुष्टि की कि तीन हजार 419 लोग मारे गये हैं और बीस हजार 534 घायल हुए हैं। सीरिया में भी 1602 लोग मारे गये हैं जबकि दोनो देशों को मिलाकर पांच हजार 21 लोग मारे गये हैं।
तुर्किए आपदा प्रबंधन एजेन्सी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 11 हजार 342 इमारतें गिरी हैं और 5 हजार 775 की पुष्टि की है। तुर्किए ने सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। भारत ने पहले सहायता के रूप में आपदा प्रबंधन में लगी एन डी आर एफ की टीमों को सहायता के लिए तुर्किए के अदाना शहर में अपनी सी-17 विमान द्वारा आधुनिक डाग स्कैवड तथा ड्रीलिंग मशीनें तथा आवश्यक सामान और उपकरण भी भेजा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आवश्यक निर्देश जारी करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की तत्काल मदद की जाए।
भारत ने तुर्किए को मानवीय सहायता के रूप में राहत सामग्री, उपकरण और कर्मियों के चार सी -17 विमान भेजे हैं। सूत्रों ने बताया कि इनमें एनडीआरएफ की खोज और बचाव इकाइयां भी भेजी गई हैं, जिनके उपकरण, वाहन और डॉग स्क्वॉड के साथ एक सौ से अधिक कर्मचारी हैं। 30 बिस्तरों वाली चिकित्सा सुविधा स्थापित करने के लिए उपकरण और 99 कर्मचारी भेजे गए हैं। भारत ने सी 130 जे विमान से सीरिया को भी 6 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी है।