डीआरडीओ ने न्यूनतम रेंज के लिए स्वदेश में विकसित एमपी-एटीजीएम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

डीआरडीओ ने न्यूनतम रेंज के लिए स्वदेश में विकसित एमपी-एटीजीएम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने और भारतीय सेना को मजबूत करने की दिशा में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी रूप से विकसित कम वजन वाली, फायर एंड फॉरगेट मैन पोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) का सफल परीक्षण किया। मिसाइल को एक मैन पोर्टेबल लॉन्चर थर्मल साइट के साथ एकीकृत कर लॉन्च किया गया था और लक्ष्य एक टैंक की तरह बनाया गया था। मिसाइल ने सीधा हमला किया और लक्ष्य को सटीक रूप से पहचाना। इस परीक्षण ने न्यूनतम रेंज को सफलतापूर्वक सत्यापित किया। मिशन ने अपने सभी उद्देश्यों को पूरा किया। मिसाइल का अधिकतम रेंज के लिए पहले ही सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया जा चुका है।

मिसाइल को उन्नत एवियोनिक्स के साथ अत्याधुनिक मिनीएचराइज्ड इन्फ्रारेड इमेजिंग सीकर के साथ रखा गया है। इस परीक्षण के बाद देश स्वदेशी तीसरी पीढ़ी के मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल निर्मित करने के अंतिम चरण में पहुंच गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ और उद्योग जगत को बधाई दी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने टीम को सफल परीक्षण के लिए बधाई दी।

In a major boost to #AtmaNirbharBharat and strengthening Indian Army, Defence Research and Development Organisation (DRDO) successfully flight tested indigenously developed low weight, fire and forget Man Portable Antitank Guided Missile (MPATGM) today 21st July 2021. pic.twitter.com/kLEqrsgoOR

— DRDO (@DRDO_India) July 21, 2021

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