जम्मू और कश्मीर के सांबा जिले में 500 किलोवाट सोलर प्लांट रिकॉर्ड समय में पूरा

जम्मू और कश्मीर के सांबा जिले में 500 किलोवाट सोलर प्लांट रिकॉर्ड समय में पूरा

24 अप्रैल को ’पंचायती राज दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले जम्मू और कश्मीर के सांबा जिले के पल्ली पंचायत में 500 किलोवाट सोलर प्लांट रिकॉर्ड समय में पूरा हो गया है और कार्यशील होने के लिए तैयार है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह बात आज सांबा में कही, जिन्होंने नव स्थापित सौर संयंत्र (सोलर प्लांट) के निरीक्षण और परीक्षण के दौरान स्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस सोलर प्लांट के चालू होने से करीब 340 घरों वाला गांव कार्बन मुक्त हो जाएगा।

मंत्री के साथ जुगल किशोर शर्मा, संसद सदस्य और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के सीएमडी चेतन प्रकाश जैन पहुंचे थे। सीईएल ने एक अल्पकालीन सूचना पर प्रधानमंत्री के दौरे के अवसर पर सोलर प्लांट स्थापित करने की जिम्मेदारी ली थी। मंत्री के दौरे के दौरान केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के लगभग एक दर्जन वरिष्ठ वैज्ञानिकों और वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम भी स्थल पर मौजूद थी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कुल 6,408 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित 500 किलोवाट का सोलर प्लांट 20 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है जिससे पंचायत के 340 घरों को स्वच्छ बिजली और रोशनी मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2.75 करोड़ रुपये की परियोजना को पूरा करने के लिए पच्चीस सदस्यीय टीम चैबीसों घंटे काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि उत्पन्न बिजली स्थानीय ग्रिड पावर स्टेशन के माध्यम से लगभग 2,000 यूनिट की दैनिक आवश्यकता वाले गांव में वितरित की जाएगी।

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जम्मू कार्यक्रम के लिए प्रदर्शनी विषयों को दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों डॉ. जितेंद्र सिंह और गिरिराज सिंह के बीच पिछले पखवाड़े के दौरान नई दिल्ली में कई बैठकों का आयोजन किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बैठक में भाग लेने वाले भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और विज्ञानएवं प्रौद्योगिकी के छह विज्ञान विभाग, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और पृथ्वी विज्ञान शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विभिन्न विभागों और खंडों द्वारा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के प्रदर्शनी स्थल पर लगभग 20 स्टाल लगाए जा रहे हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों और खेती के लिए लाभकारी नवीनतम प्रौद्योगिकी और नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि गरीबी और उन्नत ग्रामीण आजीविका, स्वस्थ गांव, बाल-सुलभ गांव, पर्याप्त जल वाला गांव, स्वच्छ और हरा गांव, बुनियादी ढांचों में आत्मनिर्भर गांव गांव से विकास का आगाज के रूप में चिन्हित कुछ विषयों पर विज्ञान मंत्रालयों के विभिन्न विभागों द्वारा अमल किया जाना है जिनसे ग्रामीण आबादी की घरेलू आय बढ़ाने में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि में सर्वोत्तम काय का प्रदर्शन करने वाले स्टाल, चाहे वह डीबीटी की बायो-टेक किसान योजना हो या ड्रोन खेती को केंद्र और केंद्रशासित प्रदेश सरकार की किसानों के कल्याण के लिए अभिनव पहल द्वारा पूरक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरोमा मिशन और बैंगनी क्रांति फ्लोरीकल्चर मिशन, बांस के आधुनिक उपयोग, अपशिष्ट जल प्रबंधन को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल भी लगाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि इसी तरह, आम आदमी के लाभ के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज के विषयों के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के एकीकरण को प्रदर्शित करने वाले स्टाल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन में पारंपरिक स्टॉल लगाने के बजाय, नवीनतम प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करने का प्रयास किया जा रहा है जो किसानों की आय में वृद्ध कर सकती है और पंचायती राज विशेषताओं के साथ विज्ञान आधारित प्रदर्शन को बेहतर बना सकती है।

जम्मू में पंचायत पल्ली का चयन इस साल पंचायती राज दिवस समारोह के लिए किया गया है और किसानों, सरपंचों और ग्राम प्रधानों को उनकी आय और उनकी उपज में सुधार करने में सक्षम बनाने के लिए नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। जिन महत्वपूर्ण नवाचारों को प्रदर्शित करने की योजना है, उनमें ग्रामीण विकास और किसानों के लिए भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, पांच दिनों के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए किसानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ऐप, बैंगनी क्रांति के रूप में प्रसिद्ध लैवेंडर की खेती, किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उनकी उसी भूमि पर सेब का उत्पादन बढ़ाने के लिए जैव प्रौद्योगिकी नवाचार, कीटनाशक छिड़काव और अपशिष्ट उपचार के लिए ड्रोन का अनुप्रयोग, परमाणु विकिरण के माध्यम से फलों के शेल्फ लाइफ वृद्धि आदि शामिल हैं।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर, प्रधानमंत्री जम्मू-कश्मीर के 30,000 से अधिक पंचायती राज संस्थाओें (पीआरआई) सदस्यों समेत एक सभा को संबोधित करेंगे जबकि देशभर से पीआरआई के सदस्य वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए जुड़ेगे।

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