चेक गणराज्य में मतदाताओं ने इस सप्ताह हुए संसद चुनाव में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद पहली बार सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया है। चुनाव में बोहेमिया और मोराविया की कम्युनिस्ट पार्टी को लगभग 3 दशमलव छह-दो प्रतिशत वोट मिले। जो आवश्यक पांच प्रतिशत से भी कम वोट हैं। कम वोट पड़ने का मुख्य कारण कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों की घटती संख्या हैं। मतदाताओं ने प्रधान मंत्री आन्द्रेज बाबीस की एएनओ पार्टी को हराकर दक्षिणपंथी विपक्ष को जिता दिया है।
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