चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत दर्ज हुई

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत दर्ज हुई

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने स्थिर (2011-12) और वर्तमान मूल्य दोनों पर 2021-22 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमानों के साथ ही पिछले वर्ष इसी तिमाही की तुलना में जीडीपी के व्यय घटक इस प्रेस नोट में जारी कर रहा है।

2021-22 की दूसरी तिमाही में लगातार स्थिर मूल्यों (2011-12) पर जीडीपी 35.73 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में 32.97 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले, दूसरी तिमाही में 7.4 प्रतिशत कमी की तुलना में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में मूल कीमतों पर तिमाही जीवीए 2021-22 में 32.89 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में 30.32 लाख करोड़ रुपये रहा था, इससे 8.5 प्रतिशत की वृद्धि प्रदर्शित होती है।

2021-22 की दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर अनुमानित जीडीपी 55.54 लाख करोड़ होने का अनुमान है जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में यह 47.26 लाख करोड़ रुपये था, जिससे 17.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रदर्शित होती है जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। 2021-22 की दूसरी तिमाही के लिए बुनियादी मूल्य पर स्थिर (2011-12) मूल्यों पर तिमाही जीवीए अनुमानित रूप से 49.70 लाख करोड़ रुपये है जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में 42.54 लाख करोड़ रुपये रहा था, इससे 16.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रदर्शित होती है।

अप्रैल-सितंबर 2021-22 (एच1 2021-22) में स्थिर मूल्यों (2011-12) पर सकल घरेलू उत्पाद पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 59.92 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 68.11 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो एच1 2021-22 में पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 15.9 प्रतिशत के संकुचन के मुकाबले 13.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एच-1 2021-22 में मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 86.15 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 106.77 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो एच1 2021-22 में 23.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि के दौरान 13.4 प्रतिशत के संकुचन को दर्शाता है।

आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से बुनियादी कीमतों पर जीवीए के साथ सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान, स्थिर (2011-12) पर जीडीपी के व्यय घटक के साथ दूसरी तिमाही 2019-20 से 2021-22 और एच-1 2019-20 से 2021-22 के लिए वर्तमान मूल्य का ब्योरा विवरण 1 से 8 में दिया गया है।

दूसरी तिमाही, 2021-22 के अनुमान कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग से प्राप्त 2021-22 के खरीफ मौसम के दौरान कृषि उत्पादन के पहले अग्रिम अनुमानों पर आधारित हैं; पशुपालन और डेयरी विभाग से प्राप्त प्रमुख पशुधन उत्पादों जैसे दूध, अंडा, मांस और ऊन के उत्पादन का अनुमान और मत्स्य पालन विभाग से प्राप्त मछली उत्पादन डेटा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी), महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा बनाए गए केंद्र सरकार के मासिक खातों और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा बनाए गए राज्य सरकार के मासिक खातों का भी उपयोग किया गया है। इसके अलावा, जुलाई-सितंबर 2021-22 की अवधि के दौरान रेलवे, सड़क, वायु और जल परिवहन, संचार, बैंकिंग और बीमा सहित परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन और बीएसई/एनएसई से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर इसी अवधि के दौरान कॉर्पोरेट क्षेत्र का प्रदर्शन अनुमानों को संकलित करते समय भी ध्यान में रखा गया है। आकलन में प्रयुक्त मुख्य संकेतकों का निष्पादन अनुबंध-I में दिया गया है।

2021-22 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए तिमाही जीडीपी अनुमानों की अगली रिलीज 28.02.2021 को जारी होगी।

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