भारत उन कुछ चुने हुए देशों में शामिल है, जिन्होंने कोविड-19 के बीच लगातार चार तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर्ज की है। अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को दर्शाते हुए नवंबर के लिए अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा में वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्रों में निरंतर विकास होने से सेवाओं में पुनरुद्धार और विनिर्माण में पूर्ण-सुधार हुआ है। मंत्रालय के अनुसार बढ़ते टीकाकरण और योजनाबद्व आर्थिक विकास के कारण मैक्रो और माइक्रो सुधार हुए हैं। वित्त वर्ष की शेष तिमाहियों में भारत के आर्थिक सुधारों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के नए वैरियंन्ट ओमिक्रोन के कारण वैश्विक सुधारों की दिशा में एक नया जोखिम सामने आ सकता है। भारत में यह सुधार तेजी से टीकाकरण के कारण सम्भव हुए हैं जिसमें कम से कम एक टीका लगवा चुकी करीब 90 प्रतिशत से अधिक वयस्क आबादी शामिल है।
पिछले वित्त वर्ष में भी कृषि क्षेत्र वह आधारभूत स्तम्भ रहा है जिसके कारण भारत में आर्थिक संकुचन कम हुआ था और चालू वित्त वर्ष में वसूली में तेजी आई थी। मंत्रालय ने बताया कि अच्छी बुवाई और पर्याप्त रूप से भरे हुए जलाशयों से अधिक फसल और खाद्यान्न उत्पादन बढा है।
हाल के वर्षों में रिकार्ड फसल के कारण केन्द्रीय पूल में 2.73 गुना भण्डार है।जिसके कारण प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्वान्न वितरण के लिए पर्याप्त अनाज उपलब्ध है। इससे 80 करोड से अधिक लोगों को लाभ पहुंचता है।