केन्‍द्रीय विद्युत मंत्री ने टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा की

केन्‍द्रीय विद्युत मंत्री ने टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा की

केन्‍द्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने कल टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनईईपीसीओ) की समीक्षा बैठक की। दोनों सीपीएसयू को सौर/पवन परियोजनाओं के लिए बोली लगाने का निर्देश दिया गया। आर.के. सिंह ने दोनों सीपीएसयू को अपने पूंजीगत व्यय (सीएपीईएक्स) बढ़ाने और वर्ष की तीसरी तिमाही के अंत तक अपने पूंजीगत व्‍यय का 90 प्रतिशत खर्च करने का भी निर्देश दिया।

आर.के. सिंह ने खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (2 X 660 मेगावाट) के लिए कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी की स्थापना करने में की गई पहलों में हुई प्रगति के लिए टीएचडीसीआईएल की सराहना की। उन्होंने ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन’ के तहत ‘हरित हाइड्रोजन’ के क्षेत्र में विविधीकरण के लिए टीएचडीसीआईएल की पहल तथा उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में वाणिज्यिक स्तर पर 800 मेगावाट क्षमता की हरित हाइड्रोजन उत्पादन और भंडारण परियोजना विकसित करने की भी सराहना की। टीएचडीसीआईएल से दो नए डिवीजन बनाने के लिए कहा गया। एक नया डिवीजन थर्मल पावर संयंत्रों के लिए और एक डिवीजन खदानों के विकास के लिए बनाया जाएगा।

आर.के. सिंह ने एनईईपीसीओ (नीपको) की उच्च जनशक्ति/मेगावाट शक्ति के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए सीपीएसयू को इन्‍हें सीईए द्वारा निर्धारित मानदंडों के भीतर लाने की सलाह दी। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा में इस कंपनी को अपने संचालन में विवि‍धता लाने और पूरे भारत में अपने संचालन क्षेत्र का विस्तार करने की भी सलाह दी।

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