केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने पुद्दुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्रियों को पत्र लिखा

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने पुद्दुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्य मंत्रियों को पत्र लिखा

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्यों में विमानन सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के काम में तेजी लाने के लिए उनके व्यक्तिगत प्रयास करने का अनुरोध किया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण-एएआई ने देश में यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अगले 4-5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये की लागत से देश में हवाई अड्डों के विकास और विस्तार के कार्य की शुरुआत की है। ।

ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने पुद्दुचेरी हवाई अड्डे के विकास के लिए एएआई को भूमि सौंपने के मुद्दे पर केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि एएआई ने एटीआर-72/क्यू-400 प्रकार के विमान और आईएफआर संचालन के लिए उपयुक्त बनाने के लिए पुडुचेरी हवाई अड्डे पर रनवे के विस्तार के लिए 161.5 एकड़ (तमिलनाडु राज्य में 104 एकड़ और केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में 57.5 एकड़) की संशोधित भूमि आवश्यकता का अनुमान लगाया है। हालांकि, पुद्दुचेरी के केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और तमिलनाडु राज्य सरकार द्वारा एएआई को जमीन अभी तक सौंपी जानी बाकी है।

इसी प्रकार, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखते समय, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निम्नलिखित मुद्दों को रेखांकित किया जो राज्य में विमानन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन को प्रभावित कर रहे हैं:

रनवे के उन्नयन के लिए डीजीसीए सीएआर की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उदयपुर हवाई अड्डे पर 145 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
सिविल एन्क्लेव के विस्तार के लिए बीकानेर हवाई अड्डे पर 58.88 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
जोधपुर हवाई अड्डे पर एप्रन और टर्मिनल भवन, एएआई आवासीय कॉलोनी और सीआईएसएफ क्वार्टरों के निर्माण के लिए 55.9 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
उत्तरलाई हवाई अड्डे पर न्यू सिविल एन्क्लेव के विकास के लिए 51 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
कोटा और उत्तरलाई हवाई अड्डों का राज्य सरकार द्वारा उन्नयन किया जाना है।
क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क कोष न्यास (आरएसीएफटी) के लिए वीजीएफ शेयर के रूप में राज्य सरकार की ओर से 0.94 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।
राज्य क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) मार्गों के लिए शत-प्रतिशत व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) के लिए राज्य सरकार से सहमति की प्रतीक्षा है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, एम.के. स्टालिन को पत्र लिख कर ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने निम्नलिखित मुद्दों पर प्रकाश डाला है जो राज्य में विमानन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन को प्रभावित कर रहे हैं:

चेन्नई हवाई अड्डे पर सिंपल अप्रोच लाइटिंग सिस्टम और अन्य बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 93.04 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। हालांकि, एएआई को केवल 5.04 एकड़ भूमि सौंपी गई है। शेष 88 एकड़ भूमि अभी दी जानी है।
त्रिची हवाई अड्डे पर रनवे विस्तार, बेसिक स्ट्रिप, एप्रन, टर्मिनल भवन और संबंधित बुनियादी ढांचे के लिए 683.11 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। हालांकि, केवल 40.93 एकड़ जमीन एएआई को सौंपी गई है। शेष 642.18 एकड़ जमीन अभी दी जानी है।
मदुरै हवाई अड्डे पर रनवे विस्तार, प्रवेश स्थल पर प्रकाश व्यवस्था और अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचे के लिए 615.92 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। हालांकि, 528.88 एकड़ भूमि एएआई को सौंप दी गई है। शेष 87.04 एकड़ जमीन अभी दी जानी है।
कोयंबटूर में रनवे विस्तार, नए टर्मिनल भवन, एप्रन और संबद्ध बुनियादी ढांचे के लिए 627.89 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
तूतीकोरिन हवाई अड्डे के विकास के लिए 697 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। जिसमें से 600.97 एकड़ भूमि एएआई को सौंप दी गई है। शेष 96.03 एकड़ जमीन अभी दी जानी है।
सेलम हवाई अड्डे के उन्नयन के लिए 446 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
वेल्लोर हवाई अड्डे पर क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के संचालन के लिए आवश्यक कुल 62.07 एकड़ में से, 13.37 एकड़ भूमि अभी तक सौंपी जानी बाकी है। इसके अलावा, कोड-सी प्रकार के विमान के संचालन के लिए उपयुक्त बनाने के लिए वेल्लोर हवाई अड्डे के विकास के लिए 441 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
तमिलनाडु राज्य के क्षेत्र में पड़ने वाली 104 एकड़ भूमि पुद्दुचेरी हवाई अड्डे के विकास के लिए आवश्यक है ताकि इसे एटीआर-72 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त बनाया जा सके।
राज्य सरकार ने अभी तक भारतीय वायु सेना को भूमि आवंटित नहीं की है, इसके बदले में भारतीय वायु सेना तंजावुर हवाई अड्डे पर एक सिविल एन्क्लेव की स्थापना के लिए एएआई को कार्य करने की अनुमति प्रदान करेगी।
राज्य सरकार कोयंबटूर – कोलंबो-कोयंबटूर, दुबई-कोयंबटूर, सिंगापुर-कोयंबटूर कुआलालंपुर-मदुरै, दुबई-मदुरै, मदुरै-कोलंबो और मदुरै-सिंगापुर मार्ग पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान योजना के संचालन के लिए 100 प्रतिशत वीजीएफ सहायता प्रदान करने के लिए भी अपनी सहमति दे सकती है। राज्य सरकार की सहमति प्राप्त होने पर 100 प्रतिशत वीजीएफ सहायता के लिए, एयरलाइनों द्वारा बोली लगाने के लिए मार्ग तय किए जाएंगे।
क्षेत्रीय सम्पर्क योजना निधि न्यास (आरएसीएफटी) के लिए वीजीएफ शेयर के रूप में राज्य सरकार की ओर से 1.92 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।

ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निम्नलिखित मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है जो राज्य में विमानन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन को प्रभावित कर रहे हैं:

अयोध्या हवाई अड्डे के चरणबद्ध विकास के लिए 660 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
गोरखपुर हवाई अड्डे पर न्यू सिविल एन्क्लेव के विकास के लिए 60 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
आगरा में सिविल एन्क्लेव के विस्तार के लिए आगरा हवाई अड्डे पर 57 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
अयोध्या, झांसी, मुइरपुर (कोरबा), अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, सहारनपुर, गाजीपुर और श्रावस्ती हवाई अड्डों को आरसीएस-उड़ान संचालन शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विकसित करने की आवश्यकता है।

क्षेत्रीय हवाई संपर्क कोष न्यास (आरएसीएफटी) के लिए वीजीएफ शेयर के रूप में राज्य सरकार की ओर से 2 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।

ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने राज्य में विमानन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित मुद्दों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ध्यान आकर्षित किया है:

एएआई ने बागडोगरा हवाई अड्डे के विकास के लिए 104.65 एकड़ भूमि की आवश्यकता का अनुमान लगाया है।
आरसीएस संचालन शुरू करने के लिए हासीमारा हवाई अड्डे के विकास के लिए 37.74 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।

 आरसीएस संचालन शुरू करने के लिए कलाईकुंडा हवाई अड्डे के विकास के लिए 38.2 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।

बर्नपुर हवाई अड्डे को आरसीएस-उड़ान संचालन के लिए उपयुक्त बनाने के लिए आ रही बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता है।

 राज्य सरकार बागडोगरा-काठमांडू और बागडोगरा-बैंकाक मार्गों पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालन के लिए 100 प्रतिशत वीजीएफ सहायता प्रदान करने के लिए अपनी सहमति दे सकते हैं। राज्य सरकार की सहमति प्राप्त होने पर 100 प्रतिशत वीजीएफ सहायता के लिए, एयरलाइनों द्वारा बोली लगाने के लिए मार्ग तय किए जाएंगे।

क्षेत्रीय हवाई संपर्क कोष न्यास (आरएसीएफटी) के लिए वीजीएफ शेयर के रूप में राज्य सरकार की ओर से 2.97 करोड़ रुपये रुपये की राशि बकाया है।

 कोलकाता-कूच बिहार-कोलकाता और गुवाहाटी-कूच बिहार-गुवाहाटी मार्गों पर राज्य आरसीएस मार्गों के लिए 100 प्रतिशत वीजीएफ के भुगतान के लिए सहमति अभी प्राप्त नहीं हुई है।

इससे पहले, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 25 अगस्त, 2021 को आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को, 26 अगस्त, 2021 को गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। 27 अगस्त, 2021 को केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर संबंधित राज्यों में विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के मामलों में तेजी लाने के लिए अपने व्यक्तिगत प्रयास करने का अनुरोध किया था।

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