केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस वर्ष के विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ पर बल दिया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस वर्ष के विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ पर बल दिया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने इस बात पर बल दिया है कि इस वर्ष का विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने में योग की दोहरी भूमिका को परिलक्षित करता है। उन्होंने कहा, “योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता है।” “हाल के वर्षों में लाखों लोगों की उत्साही भागीदारी जन-समुदायों पर योग के गहन प्रभाव को दर्शाती है।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री ने प्रत्येक ग्राम प्रधान को पत्र लिखकर जमीनी स्तर पर भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में योग के प्रसार को प्रोत्साहित किया है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य समारोह श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।

आयुष राज्य मंत्री आज 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। 2015 से प्रधानमंत्री ने दिल्ली में कर्तव्य पथ, चंडीगढ़, देहरादून, रांची, जबलपुर और यहां तक ​​कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय सहित विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोहों का नेतृत्व किया है। प्रतापराव जाधव ने कहा कि उनके नेतृत्व ने योग की वैश्विक लोकप्रियता और मान्यता को काफी बढ़ावा दिया है।

उन्होंने कहा कि सितंबर 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में रखे गए प्रस्ताव के बाद 11 दिसंबर 2014 को सर्वसम्मति से प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत थी। इस प्रयास के कारण योग को वैश्विक मान्यता मिली।

पिछले 10 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने चार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। 2015 में, कुल 35,985 भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राजपथ पर योग किया था। कुल 84 देशों ने एक ही स्थान पर योग-सत्र में भाग लिया। धीरे-धीरे हर साल दुनिया भर से योग में भाग लेने वालो की संख्या बढ़ती गई और पिछले साल 2023 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में दुनिया भर से कुल 23.4 करोड़ लोगों ने भाग लिया।

आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने दृष्टिबाधित लोगों को सुविधा के साथ योग सीखने और अभ्यास करने में सहायता करने के लिए ब्रेल लिपि में ‘सामान्य योग प्रोटोकॉल बुक’ लॉन्च की। उन्होंने योग पर प्रोफेसर आयुष्मान कॉमिक का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा, “यह पुस्तक बच्चों को रुचि और मनोरंजन के साथ योग सीखने और अभ्यास करने में मदद करेगी।”

एक विशेष पहल के रूप में, इस वर्ष भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 के उपलक्ष्य में एक अनूठी पहल ‘अंतरिक्ष के लिए योग’ का आयोजन कर रहा है। इसरो के सभी वैज्ञानिक और अधिकारी सामान्य योग प्रोटोकॉल दिशा-निर्देशों के अनुसार एक साथ योग करेंगे। गगनयान परियोजना की टीम भी इस अवसर पर योगाभ्यास करके अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक अभियान में शामिल होगी।

योग के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय ने भारत सरकार के MyGov पोर्टल और MyBharat पोर्टल पर योग टेक चैलेंज का आयोजन किया है जिसका उद्देश्य उन स्टार्ट-अप या व्यक्तियों की पहचान करना और उन्हें बढ़ावा देना है जिन्होंने योग से संबंधित उपकरण, सॉफ्टवेयर और सहायक उत्पाद विकसित किए हैं।

आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत से लेकर अब तक की यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, सामाजिक मूल्यों और समुदाय की भावना को बढ़ावा देने में योग की विशेष भूमिका हैं। उन्होंने कहा, “योग, मन और शरीर के बीच समन्वय, संतुलन, आत्म-नियंत्रण और समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है।” उन्होंने वैश्विक महामारी के दौरान वर्चुअल समारोहों को याद किया, जिसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया था।

उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोहों के लिए ‘सरकार के समग्र’ दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला, जिसमें प्रत्येक वर्ष समावेशी और योग प्रक्रिया का व्यापक पालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों में समन्वित प्रयासों और राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया। राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। देश भर में राष्ट्रीय आयुष मिशन की टीम भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल है। यह सहयोगात्मक प्रयास समाज के सभी क्षेत्रों में समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में योग के महत्व को रेखांकित करता है।

दिल्ली में, आयुष मंत्रालय ने 21 जून 2024 को सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर पालिका), एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) और डीडीए-दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ सहयोग किया है। मंत्रालय को ब्रह्माकुमारीज़, आर्ट ऑफ़ लिविंग, पतंजलि, गायत्री परिवार, ईशा योग केंद्र, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक संगठनों से भी महत्तवपूर्ण समर्थन मिल रहा है।

आम जनता को योग से जोड़ने के लिए आयुष मंत्रालय ने कई प्रतियोगिताएं और गतिविधियां शुरू की हैं। एक उल्लेखनीय पहल है “परिवार के साथ योग” वीडियो प्रतियोगिता, जिसे MyGov और MyBharat प्लेटफ़ॉर्म पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के साथ साझेदारी में आयोजित किया गया है। यह प्रतियोगिता दुनिया भर के परिवारों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 समारोह में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करती है, योग के आनंद को प्रदर्शित करती है और पारिवारिक बंधनों को सुदृढ़ बनाती है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2024 है।

Yoga With Family वीडियो प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को योग के माध्यम से स्वास्थ्य और समन्वय के संदेश को बढ़ावा देते हुए रोमांचक पुरस्कार जीतने का अवसर मिलेगा। मंत्रालय ने वैश्विक उपयोग के लिए कई प्रमुख हैशटैग भी बनाए हैं: #InternationalDayofYoga2024, #YogaForSelfAndSociety, #YogaWithFamily, और #IDY2024। दुनिया भर के लोगों को इस वैश्विक आंदोलन में शामिल होने के लिए इन हैशटैग का अनुसरण करने और उनका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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