ओडिसा के पुरी में प्रसिद्ध स्नान यात्रा शुरू हो गई है। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, बहन सुभद्रा, सुदर्शन और मदनमोहन को मंदिर से बाहर लाकर परिसर में पवित्र जल के 108 पात्रों से स्नान कराया जाता है। स्कंद पुराण में कहा गया है कि राजा इंद्रद्युम्न ने पहली बार विग्रह प्रतिमाओं की स्थापना के अवसर पर इस उत्सव की शुरुआत की थी।
यह स्नान अनुष्ठान शाम को सम्पन्न हो जाएगा। ऐसी मान्यता है कि स्नान यात्रा के बाद भगवान बीमार पड़ जाते हैं और उन्हें राज वैद्य की देखरेख में स्वस्थ होने के लिए अलग रखा जाता है। इस दौरान श्रद्धालु, भगवान को नहीं देख सकते। आयुर्वेद चिकित्सा के बाद भगवान 15 दिन में स्वस्थ हो जाते हैं।
हालांकि कोरोना महामारी की स्थिति के मद्देनजर सभी अनुष्ठान श्रद्धालुओं के बिना किए जा रहे हैं।