उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे को पर्यावरण मंजूरी मिल गयी है। यह परियोजना मेरठ को प्रयागराज के जिलों से जोड़ेगी। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 2006 की अधिसूचना के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं को काम शुरू करने से पहले पर्यावरणीय मंजूरी लेना आवश्यक होता है।
इस परियोजना को मंजूरी से देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसके लिए 90 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। 594 किलोमीटर लंबी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना पर लगभग छत्तीस हजार दो सौ तीस करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।