ई-श्रम पोर्टल अब उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर उपलब्ध: भूपेंद्र यादव

ई-श्रम पोर्टल अब उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर उपलब्ध: भूपेंद्र यादव

श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रतिष्ठित सप्ताह की शुरुआत के अवसर पर आज कहा कि हाल ही में शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल ने “सबका साथ – सबका विकास – सबका विश्वास – सबका प्रयास” के आदर्श वाक्य को पूरा करने की दिशा में खुद को एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में स्थापित किया है और 6 महीने से भी कम समय में 25 करोड़ पंजीकरणों तक पहुंचना सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में अपने सप्ताह भर चलने वाले प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह में आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में “असंगठित श्रमिकों के 25 करोड़ पंजीकरण प्राप्त करने पर ई-श्रम” कार्यक्रम का आयोजन किया।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि आने वाले दिनों में ई-श्रम पोर्टल “गरीबों के कल्याण के लिए अमृत कल” की नींव रखने जा रहा है, जिसके आधार पर देश के असंगठित कार्यबल को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम तैयार किए जा सकते हैं।

भूपेंद्र यादव ने सभी को बधाई दी और प्रमुख राज्यों /संघ शासित प्रदेशों / सीएससी-वीएलई को ई-श्रम पुरस्कारों से सम्मानित किया और असंगठित श्रम बल के कल्याण के लिए प्रयास जारी रखने के लिए कहा, जो भारत में कुल कार्यबल का लगभग 80 प्रतिशत है। पंजीकरण कवरेज के मामले में उत्तर प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड प्रमुख राज्‍य हैं और जम्मू कश्मीर, दिल्ली और चंडीगढ़ अग्रणी संघ शासित प्रदेशों में से हैं।

इस अवसर पर श्रम मंत्री ने घोषणा की कि उमंग मोबाइल एप्लिकेशन पर अब ई-श्रम पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से असंगठित श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्‍हें अपनी सुविधानुसार अपने घर से ई-श्रम पर खुद को पंजीकृत करने का अधिकार है।

केन्‍द्रीय श्रम मंत्री ने यह भी घोषणा की कि ई-श्रम को अब राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल के साथ भी एकीकृत किया गया है, जो श्रमिकों को रोजगार और कैरियर से संबंधित सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। एनसीएस के माध्यम से, पोर्टल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके आसपास और विदेशों में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।

एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में, भूपेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) पेंशन योजना के तहत “डोनेट-अ-पेंशन” पहल की भी घोषणा की, जहां भारत के नागरिक अपने घर या प्रतिष्ठान में अपने तत्काल सहायक कर्मचारियों जैसे घरेलू कामगारों ड्राइवरों, हेल्परों, देखरेख करने वालों, नर्सों के लिए प्रमुखता से योगदान कर सकता है।

इस योजना के तहत दाता कितनी भी लंबी अवधि के लिए सहायक की ओर से योगदान का भुगतान कर सकता है। इसलिए यह पहल नियोक्ता को उन लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने की अनुमति देगी जो उनका दैनिक कामकाज सुनिश्चित करते हैं।

केन्‍द्रीय मंत्री ने स्वयं अपने घरेलू कामगारों/सहायकों को पेंशन दान करके दिन की शुरुआत की और कामना की कि उनकी वृद्धावस्था बेहतर हो क्योंकि पीएम-एसवाईएम पेंशन योजना के माध्यम से 3000 रुपये की मासिक सुनिश्चित पेंशन के रूप में घरेलू कामगारों को वृद्धावस्था सुरक्षा मिलेगी।

इस अवसर पर, राज्य मंत्री, रामेश्वर तेली ने कहा कि ईश्रम असंगठित श्रमिकों का पहला व्यापक डेटाबेस होने के नाते, न केवल देश के हाशिए पर रहने वाले कर्मचारियों को सशक्त करेगा, बल्कि साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए रणनीतिक जानकारी भी प्रदान करेगा।

श्रम सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल माननीय प्रधानमंत्री की परिकल्‍पना को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहा है ताकि “हर पात्र व्यक्ति को सरकार की बीमा, पेंशन और आवास योजनाओं से जोड़ा जा सके। हमें शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने की मानसिकता के साथ आगे बढ़ना है।” सुनील बर्थवाल ने कहा कि ई-श्रम केन्‍द्र सरकार, मंत्रालयों और राज्य सरकारों के लिए श्रमिकों के विभिन्न समूहों को सामाजिक सुरक्षा लाभों की योजना बनाने और वितरण में बेहद उपयोगी डेटाबेस होने जा रहा है और जहां तक ​​नौकरी और कौशल विकास के अवसरों का संबंध है, उम्मीद है कि एएसईईएम, उद्यम और एनसीएस पोर्टल के साथ ई-श्रम के एकीकरण से श्रमिकों की नई पीढ़ी लाभान्वित होगी।

Related posts

Leave a Comment