अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने समृद्धि के लिए हिंद-प्रशांत आर्थिक रूपरेखा – आई.पी.ई.एफ. का शुभारम्भ किया है। आरम्भ में इसमें अमेरिका के अलावा 12 अन्य देश – भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्रनेई, इंडोनेशिया, कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलीपिंस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। ये देश विश्व के सकल घरेलू उत्पाद के चालीस प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आई.पी.ई.एफ. का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आने वाले दशकों में प्रौद्योगिकी नवाचार और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए संबंधों को मजबूत करना है। यह अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षे्त्र में अधिक मजबूत और समायोजी अर्थव्यवस्था सृजित करेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि ये देश साथ मिलकर 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था के लिए नए नियम तय कर रहे हैं, जिनसे उनकी अपनी अर्थव्यवस्थाएं तेज गति से विकसित होंगी। उन्होंने सभी हिंद-प्रशांत देशों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आई.पी.ई.एफ. समायोजी आपूर्ति श्रृंखला की आधारशिला रखने पर विशेष रूप से ध्यान देगा तथा भरोसे, पारदर्शिता और समयबद्धता से महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों पर चीन के कदमों का विकल्प साबित होगा।