सीसीआई ने बीसीपी टोपको, जीआईसी इन्‍वेस्‍टर और एडीआईए इन्‍वेस्‍टर द्वारा एमफैसिस लिमिटेड के अधिग्रहण को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने आज प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31 (1) के तहत बीसीपी टोपको IX पीटीई लिमिटेड (बीसीपी टोपको), वेवर्ली पीटीई लिमिटेड (जीआईसी इन्‍वेस्‍टर) और प्लेटिनम ऑउल सी 2018 आरएससी लिमिटेड (एडीआईए इन्‍वेस्‍टर) (‘अधिग्रहणकर्ताओं’) द्वारा एमफैसिस लिमिटेड (‘लक्ष्य’) का अधिग्रहण किए जाने को मंजूरी दी।

प्रस्तावित सौदा दरअसल आपस में जुड़े लेन-देन की एक श्रृंखला के जरिए बीसीपी टोपको द्वारा ‘लक्ष्य’ की 75% तक हिस्सेदारी का अधिग्रहण किए जाने से संबंधित है।

बीसीपी टोपको सिंगापुर के कानूनों के तहत गठित की गई एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह कंपनी अपने गठन के बाद से ही कोई भी उत्पाद/सेवाएं प्रदान करने और/अथवा भारत या दुनिया भर में निवेश होल्डिंग का व्यवसाय करने में संलग्न नहीं रही है।

जीआईसी इन्वेस्टर सिंगापुर में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में गठित की गई एक विशेष प्रयोजन कंपनी है जो जीआईसी स्पेशल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रबंधित निवेश होल्डिंग कंपनियों के एक समूह का हिस्सा है।

प्लेटिनम ऑउल दरअसल प्लेटिनम जैस्मि‍न ट्रस्ट की ट्रस्टी के रूप में कार्यरत है, और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) एकमात्र लाभार्थी के साथ-साथ प्लेटिनम जैस्मि‍न ट्रस्ट का व्यवस्थापक (सेटलर) है।

‘लक्ष्‍य’ दरअसल एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है, जो कंपनी अधिनियम 1956 के तहत पंजीकृत है, जो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बीएसई लिमिटेड में सूचीबद्ध है। यह एक वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा प्रदाता है जो प्रौद्योगिकी संबंधी जानकारियों, डोमेन और प्रोसेस संबंधी विशेषज्ञता के संयोजन के जरिए वैश्विक स्तर पर क्लाउड और संज्ञानात्मक सेवाएं प्रदान करने में विशेषज्ञता रखता है, जिसमें अनुप्रयोग विकास एवं रखरखाव, अवसंरचना प्रबंधन सेवाएं, ज्ञान प्रोसेसिंग सेवाएं, सेवा/तकनीकी हेल्पडेस्क, सौदा प्रोसेसिंग सेवाएं व ग्राहक सेवा, बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट/बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) और अवसंरचना सेवाएं शामिल हैं।

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