प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल के पानी के कनेक्शन की व्यवस्था करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। मेघालय में जल जीवन मिशन को लागू करने और उसमें तेजी लाने के लिए भारत सरकार ने राज्य को 169.60 करोड़ रुपये जारी किए। 2021-22 में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन को लेकर राज्य को 678.39 करोड़ रुपये का फंड दिया गया है जो 2020-21 के लिए मुकाबले लगभग चार गुना है।
राज्य में 5.90 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 1.88 लाख ग्रामीण परिवारों (31.94%) के पास नल के पानी का कनेक्शन है। 2021-22 में राज्य के 3.39 लाख ग्रामीण परिवारों को नल के पानी के कनेक्शन देने की योजना है।
बजट आवंटन में भारी वृद्धि इस बात का सबूत है कि केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। बजटीय आवंटन को देखें तो पता चलता है कि पिछले वर्ष 23,022 करोड़ रुपए था जबकि 2021-22 में 92,309 करोड़ रुपये का बजट है।
इसके अलावा 2021-22 में 15वें वित्त आयोग के अनुदान के रूप में मेघालय को ग्रामीण स्थानीय निकायों/पीआरआई को पानी और स्वच्छता के लिए 82 करोड़ रुपये आवंटित किए गए और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अगले पांच वर्षों यानी 2025-26 तक 426 करोड़ रुपये का फंड सुनिश्चित किया गया है।