लोकसभा में मणिपुर हिंसा मुद्दे पर गतिरोध जारी है। विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही पहले स्थगन के बाद दोपहर में शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर मुद्दे को लेकर फिर हंगामा करना शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी नारेबाजी की। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह कांग्रेस, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, जनता दल यूनाईटेड और अन्य सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आकर सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान की मांग करने लगे।
राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड ने मणिपुर हिंसा और अन्य मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर मुद्दे पर चर्चा कराने और प्रधानमंत्री के बयान की मांग की। असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।
विपक्षी नेताओं ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मणिपुर मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने मणिपुर की स्थिति पर एक ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने राज्य में शांति और सद्भाव स्थापित करने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू से हस्तक्षेप का अनुरोध किया।