संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने अफगानिस्तान में ऐसी समावेशी व्यवस्था का आह्वान किया है जो देश के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करती हो। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पक्षपात से ऊपर उठकर अफगानिस्तान में सहायता के लिए एक साथ आने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर अफगानिस्तान के लोगों की सहायता के लिए तैयार है। टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि अफगानिस्तान में फंसे लोगों को बाहर लाने और उनकी मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करना भारत की तात्कालिक प्राथमिकताओं में से एक है।
उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद अफगानिस्तान और क्षेत्र के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव दो हजार 593 में तालिबान की इस प्रतिबद्धता को उल्लेख है कि वह आतंकवादी गतिविधियों के लिए अफगान भूमि के उपयोग की अनुमति नहीं देगा।