विश्‍व के 100 से अधिक देशों के नेताओं ने कॉप-26 जलवायु शिखर सम्‍मेलन में पहला बड़ा समझौता किया

विश्‍व के 100 से अधिक देशों के नेताओं ने कॉप-26 जलवायु शिखर सम्‍मेलन में पहला बड़ा समझौता किया

विश्‍व के एक सौ से अधिक देशों के नेताओं ने कॉप-26 जलवायु शिखर सम्‍मेलन में पहला बड़ा समझौता किया है। इस समझौते में 2030 तक वनों की कटाई रोकने और वनों का दायरा बढ़ाने का वायदा किया गया है। समझौते पर ब्राजील ने भी हस्‍ताक्षर किए हैं, जहां अमेजन के उष्‍णकटिबंधीय वन की कटाई की गई है। समझौते के लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए सार्वजनिक और निजी सहायता से 19 अरब 20 करोड़ डॉलर की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की गई है।

विशेषज्ञों ने इस समझौते का स्‍वागत किया है, लेकिन यह चेतावनी भी दी है कि 2014 का समझौता वनों की कटाई की प्रक्रिया धीमी करने में असफल रहा था। उन्‍होंने कहा कि प्रतिबद्धताओं को वास्‍तविकताओं में बदलने की आवश्‍यकता है। पेड़ों के काटे जाने से धरती का तापमान बढ़ता है क्‍योंकि पेड़-पौधे कार्बन-डाई ऑक्‍साइड का बड़ी मात्रा में अवशोषण करते हैं।

ग्‍लासगो में अंतर्राष्‍ट्रीय जलवायु सम्‍मेलन के आयोजक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि पहले से कहीं ज्‍यादा कुल 110 देशों के नेताओं ने इस ऐतिहासिक प्रतिबद्धता पर सहमति व्‍यक्‍त की है। धरती के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने की दिशा में ग्‍लासगो में दो सप्‍ताह के शिखर सम्‍मेलन को महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है।

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