संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि विश्व को भीषण गर्म हवाओं के प्रकोप से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि उत्तरी गोर्लाद्ध के देशों में तापमान बढ रहा है। उत्तरी गोलार्द्ध में अमरीका, यूरोप, अधिकांश एशिया और अफ्रीका तथा दक्षिण अमरीका के कुछ क्षेत्र आते हैं।
जिनेवा में संगठन के अत्यधिक गर्मी के मामलों के वरिष्ठ सलाहकार जॉन नॅरिन ने बताया कि चिलचिलाती गर्मी का यह सिलसिला जारी रहेगा तथा विश्व को और अधिक भीषण गर्म हवाओं के प्रकोप से निपटने के लिये तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक के बाद से उत्तरी गोलार्द्ध के तापमान में 6 गुना वृद्धि हुई है।
यूरोप में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर बढ रहा है। इस कारण उत्तरी गोलार्द्ध के क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं। ग्रीस में जंगलों में आग लगने के कारण एक हजार दो सौ बच्चों को एक रिजोर्ट के पास से सुरक्षित निकाला गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उत्तर अमरीका से लेकर यूरोप तक और एशिया में खतरे की चेतावनी दी है। उन्होंने लोगों से निरन्तर पानी पीते रहने और चिलचिलाती धूप में बाहर न रहने की सलाह दी है।
इटली के सिसिली और सार्डिनिया द्विपों में तापमान 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इटली के कई हिस्सों में अत्यधिक गर्मी जारी रह सकती है। स्पेन में भी भीषण गर्म हवायें चल रही है। कल स्पेन में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।