विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने कहा है कि अफगानिस्तान के लोगों के साथ भारत की दोस्ती महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्री ने आज नई दिल्ली में एक बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ विपक्षी पार्टियों का अफगान मुद्दे पर समान विचार है। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि काफी लम्बे समय से अफगानिस्तान के साथ देशवासियों की भावना जुडी हुई है और वहां के घटनाक्रम पर राष्ट्रीय स्तर पर चिंता की स्थिति बनी हुई है। अफगानिस्तान के साथ हमारी दोस्ती इस बात को दर्शाता है कि भारत, अफगानिस्तान में पांच सौ से भी ज्यादा परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय भारत की चिंता वहां से भारतीय नागरिकों को निकालने और अफगान लोगों के साथ दोस्ती बरकरार रखने की है। डॉक्टर जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि सभी भारतीयों को वहां से निकाल लिया जायेगा।
बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने पत्रकारों को बताया कि अफगान संकट पूरे देश की समस्या है। उन्होंने कहा कि इसके समाधान के लिए सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी विपक्षी दल एकमत हैं। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री तथा जनता दल सेक्यूलर नेता एच डी देवगौडा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत रॉय, डीएमके नेता टी आर बालू और बीजू जनता दल नेता प्रसन्ना आचार्य सहित अन्य नेता शामिल थे। बैठक में सरकार की ओर से मंत्री पीयूष गोयल, प्रहलाद जोशी, वी मुरलीधरन, अर्जुन राम मेघवाल, मीनाक्षी लेखी ने भाग लिया। इसके अलावा सचिव एच वी श्रृंगला तथा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।