तीन दिनों की यात्रा पर युगांडा पहुंचे विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने वहां के राष्ट्रपति योवारी के. मुसेवेनी से कल रवाकितुरा में मुलाकात की। डॉ. जयशंकर ने उन्हें गुट-निरपेक्ष अभियान की अध्यक्षता ग्रहण करने पर बधाई दी। एक ट्वीट में डॉ. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति योवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत शुभकामनाएं दीं। विदेश मंत्री ने व्यापार और निवेश, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रक्षा, डिजिटल और कृषि संबंधी मामलों में सहयोग पर विचार-विमर्श भी किया।
युगांडा यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने वाराणसी में तुलसी घाट पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने इस सिलसिले में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी की युगांडा शाखा की ओर से विश्व के सबसे प्राचीन नगर में सौंदर्यीकरण की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि नील नदी के किनारे रहने वाले लोगों की गंगा को लेकर प्रतिबद्धता हमारी दो संस्कृतियों के मिलन को परिलक्षित करती है। वाराणसी की विरासत का संरक्षण भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि इसका गहरा वैश्विक प्रभाव पड़ेगा। अपनी युगांडा यात्रा के दौरान डॉक्टर जयशंकर जिन्जा में राष्ट्रीय अपराध विज्ञान विश्वविद्यालय के एक परिसर का उद्घाटन करेंगे।
विदेश मंत्री 13 से 15 अप्रैल तक मोजाम्बिक की यात्रा पर रहेंगे। भारत के किसी विदेश मंत्री की यह पहली मोजाम्बिक यात्रा होगी।
