विदेश मंत्री डॉ. सुब्रहमण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत की विश्व में नई पहचान बन रही है और यह पहले के भारत से बहुत अलग है। ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सबसे महत्वपूर्ण मानता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध हैं और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनो देश प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार लगातार बढ़ रहा है और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की संख्या भी बढ़ रही है। रक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि दोनों देश मजबूत साझेदार के रूप में काम करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले 25 वर्षों में भारत पूरी तरह से बदल जाएगा और 2047 तक भारत एक विकसित देश बन जाएगा।
डॉ. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के सांसदों ज़नेट मैस्करेनहास, वरुण घोष और डॉ. जगदीश कृष्णन से भी मुलाकात की और उनके साथ पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया प्रांत के प्रधानमंत्री रोजर कुक से भी मुलाकात की और मजबूत भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के निर्माण के लिए उनके समर्थन की सराहना की।
