भारतीय अर्थव्यवस्था तेल संकट और पश्चिम एशिया संघर्ष के झटकों का सामना करने के लिए मजबूत स्थिति में है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर छह दशमलव आठ से सात दशमलव एक प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। मुद्रा स्फीति चार दशमलव पांच प्रतिशत और वित्तीय घाटा चार दशमलव पांच से चार दशमलव छह प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.8% से 7.1% तक रहने का अनुमान
