वित्त वर्ष 2022-23 में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत पिछले वित्त वर्ष की तुलना में दस प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान पेट्रोल में 13 प्रतिशत और डीजल में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने इस वृद्धि के लिए देश के समग्र आर्थिक विकास, शहरीकरण और वाहन बिक्री में बढोतरी को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए नवंबर 2021 और मई 2022 में दो बार पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 13 रुपये और 16 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना, अर्थव्यवस्था को और गति और उपभोग को बढ़ावा देना था।
Related posts
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को संचालित करने वाली प्रमुख संस्था ICC एक बार फिर चर्चा में है। इसके फैसलों और गतिविधियों पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर बनी हुई है।
ICC क्या है? क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी संस्था की पूरी जानकारी क्रिकेट की दुनिया में...
कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता...
RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) द्वारा...