उत्तर प्रदेश के लखनऊ में केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर-सीजीएसटी कार्यालय के अधिकारियों ने जीएसटी के अंतर्गत दर्ज फर्जी कम्पनियों के जाल का पर्दाफाश किया है। जीएसटी लाभों का धोखे से फायदा उठाने के लिए फर्जी कम्पनियां बनायी गयी थीं। सीजीएसटी लखनऊ ने मई, जून और जुलाई के महीनों में इन फर्जी कम्पनियों का पता लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान सीजीएसटी लखनऊ के अधिकार क्षेत्र में दर्ज 647 कम्पनियों के पतों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया गया। इनमें लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी, गोन्डा, बलरामपुर, बहराईच और श्रावस्ती जिले शामिल हैं।
इस अभियान के दौरान यह पाया गया कि 131 कम्पनियों का कोई अस्तित्व ही नहीं है और उन्होंने झूठे नामों तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण कराया। कुछ कम्पनियों ने कुछ लोगों की पैन संख्या का इस्तेमाल कर जीएसटी पंजीकरण कराया। कुछ के पास किराये के मकान के फर्जी समझौते या बिजली के बिल थे जिनमें दर्ज पतों का वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं था। इन 131 फर्जी कम्पनियों ने देशभर में फैली लगभग 11 सौ कम्पनियों को 1 हजार 3 सौ 55 करोड 74 लाख रुपये मूल्य की वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति को दिखाया था। लेकिन वास्तव में किसी तरह की आपूर्ति नहीं हुई थी।