राष्‍ट्र आज सर्जिकल स्‍ट्राइक की छठीं वर्षगांठ मना रहा है

राष्‍ट्र आज सर्जिकल स्‍ट्राइक की छठीं वर्षगांठ मना रहा है

राष्‍ट्र आज सर्जिकल स्‍ट्राइक की छठीं वर्षगांठ मना रहा है। वर्ष 2016 में आज ही के दिन भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर में स्थित आतंकवादी शिविरों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। उरी हमले में 18 जवानों के शहीद होने के 11 दिन के बाद भारतीय सेना ने 28 और 29 सितम्‍बर 2016 की रात सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी जिसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी मारे गए थे। जम्‍मू-कश्‍मीर में तैनात अर्द्धसैनिक बलों की विभिन्‍न इकाइयों के कमांडों सहित भारतीय सेना ने सीमा पार कईं आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे। ये सभी ठिकाने आतंकवादियों के लांच पैड थे जिसके माध्‍यम से जम्‍मू-कश्‍मीर में सेना और नागरिकों पर हमले करने के लिये आतंकवादियों की घुसपैठ होती थी। इस कार्रवाई के साथ भारत ने यह माकूल संदेश दिया कि वह जरूरत पड़ने पर सीमापार भी आतंकियों के लांच पैड पर हमले कर सकता है।

सर्जिकल स्‍ट्राइक की रात को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक साक्षात्‍कार में कहा था कि सर्जिकल स्‍ट्राइक सुनियोजित था, क्‍योंकि उरी हमले के बाद उनके मन में काफी रोष था।

जो पुरी की घटना घटी, उस घटना ने मुझे बहुत बेचैन बना दिया था और मेरे भीतर एक आक्रोश था, लेकिन मैं एक लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतिनिधि हूं। मेरा व्यक्तिगत गुस्सा, मेरी व्यक्ति बेचैनी, इसका व्यवस्था पर कभी प्रभाव नहीं होना चाहिए, मैं संतुलन समझता हूं। लेकिन ऐसा हुआ क्यों, इसके लिए मैं सेना के लोगों से लगातार चर्चाएं की। मैंने अनुभव किया कि मुझसे तो सेना के अंदर आग ज्यादा लगी हुई है। वे किसी भी हालत में इस परिस्थिति में देश के जवानों के मॉरेल के लिए भी उनको न्याय दिलाना चाहते हैं। मैंने उनसे कहा कि आप पुनर्डिजाइन करके लाईये मेरे पास और मैंने कहा आप जितना भी कर सकते हैं करिए।

मन की बात के पिछले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2016 की सर्जिकल स्‍ट्राइक का स्‍मरण करते हुये इस वर्ष 28 सितम्‍बर को कार्यक्रम आयोजित होंगे।

अमृत महोत्सव में हम जिस तरह स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े विशेष अवसरों पर सेलिब्रेट कर रहे हैं, उसी तरह 28 सितंबर को भी हर युवा कुछ नया प्रयास अवश्य करें। आप सभी के पास 28 सितंबर को सेलिब्रेट करने की एक और वजह भी है, जानते हैं क्या है- मैं सिर्फ दो शब्द कहूंगा-लेकिन मुझे पता है आपका जोश, चार गुना ज्यादा बढ़ जाएगा, ये दो शब्द हैं सर्जिकल स्ट्राइक, बढ़ गया न जोश। हमारे देश में अमृत महोत्सव का जो अभियान चल रहा है। उन्हें हम पूरे मनोयोग से सेलिब्रेट करें। अपनी खुशियों को सबके साथ साझा करें।

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