राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा, महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के आदर्शों ने दुनिया को एक नया मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने जीवन भर न केवल अहिंसा के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि उन्होंने स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और किसानों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाई और अस्पृश्यता, सामाजिक भेदभाव तथा अशिक्षा के खिलाफ भी संघर्ष किया। राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने सभी को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और एक ऐसे बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया जिसने इतिहास की दिशा बदल दी और हमें आजादी दिलाई।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने संदेश में कहा, “मैं गांधी जयंती के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। महात्मा गांधी के सत्य (सत्याग्रह) और अहिंसा के सिद्धांतों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष में मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। स्वतंत्रता और समानता के लिए उनके द्वारा किए गए निरंतर प्रयास न केवल भारत बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए एक न्यायपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण समाज की स्थापना में प्रकाश स्तंभ की तरह हैं। इस शुभ अवसर पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आइए हम उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और भारत की प्रगति के लिए गांधी जी के आत्मनिर्भरता, समावेशी और आपसी भाईचारे के दृष्टिकोण को आत्मसात करने का प्रयास करें।”