भारी उद्योग मंत्रालय कल 29 अगस्त 2023 को इंडिया हैबिटेट सेंटर में “पीएलआई-ऑटो योजना की समीक्षा – आत्मनिर्भरता के माध्यम से उत्कृष्टता” विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य हितधारकों- जैसे पीएलआई-ऑटो आवेदक, पीएमए, जांच एजेंसियां आदि को इस योजना के प्रदर्शन की समीक्षा करने, जानकारी और अनुभव को साझा करने और सभी चिंताओं और चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगे। इस दौरान योजना के माध्यम से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारी उद्योग मंत्रालय ने क्लीनर मोबिलिटी को बढ़ावा देने और नवाचार और प्रौद्योगिकी का एक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित करने के लिए विभिन्न पहल की हैं। ऑटोमोटिव क्षेत्र में, मंत्रालय ने विभिन्न प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए हैं, इनमें से एक ऑटोमोबाइल और ऑटो घटकों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) है इस योजना पर 25,938 करोड़ रुपए का परिव्यय रखा गया है।
इन योजनाओं के व्यापक प्रभाव से ऑटोमोटिव उद्योग को बढावा मिलेगा और यह अनुमान व्यक्त किया गया है कि भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग 2030 तक विश्व में तीसरे स्थान पर होगा। भारी उद्योग मंत्रालय, ऑटोमोटिव उद्योग के पीएलआई-ऑटो आवेदकों को महत्वपूर्ण हितधारकों में प्रमुख मानता है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण “आत्मनिर्भरता के माध्यम से उत्कृष्टता” को प्राप्त करने के लिए मंत्रालय, उद्योग का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, देश में उन्नत ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (एएटी) उत्पादों को स्थानीय स्तर पर लाने और उन्हें विकसित करने का लक्ष्य ऑटोमोटिव उद्योग के समर्थन और विकास के बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार नवाचार और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता के साथ-साथ अनुकूल वातावरण प्रदान करके इस महत्वपूर्ण उद्योग को सुदृढ़ करने की नैतिक जिम्मेदारी लेती है।